अपने खत में लड़की ने लिखा कि – वो पंजाब की रहने वाली है और ग्रेजुएशन की छात्र है| उसके परिवार वाले बाबा राम रहीम के अंधभक्त है जिसके चलते वह अपने माता-पिता के कहने पर वो बाबा राम रहीम की शिष्या बनी थी| उसने आगे लिख कि डेरा सच्चा सौदा में गुरमीत सिंह ने उनके साथ बलात्कार किया है। लड़की ने गुरमीत सिंह के कारनामों के बारे लिखा है कि एक रात दस बजे आश्रम के एक साधु गुरुजोत ने उन्हें रात 10 बजे बुलाया और कहा कि बाबा ने तुम्हें अपने ‘गुफा’ में बुलाया है। गुफा डेरे में बाबा के निवास को कहा जाता है। साध्वी ने लिखा कि पहले वो राम रहीम की मंशा से परिचित नहीं थी और खुशी-खुशी बाबा के निवास स्थल में चली गई।

साल 2002 में लड़की के द्वारा लिखा गया खत

साध्वी ने आगे लिखा कि बाबा के कमरे में टीवी चल रही थी उसके ब्लू फिल्म देखी जा रही थी, बाबा वहां बैठे थे और उनके बेड पर रिवाल्वर रखा हुआ था। लड़की ने लिखा कि ये देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बाद में बाबा राम रहीम ने टीवी बंद की और बाबा ने लड़की को अपनी बांहों में भर लिया और कहा कि तुम मुझे अपना तन-मन-धन समर्पण करो। लड़की ने कहा कि जब उसने बाबा का विरोध किया तो राम रहीम ने कहा कि वो इस रिवाल्वर से उसकी जान ले सकता है और उसके घर वाले उस पर शक भी नहीं करेंगे। लड़की ने कहा कि इसके बाद बाबा ने जबरन उनके साथ मुंह काला किया।

साल 2002 में लड़की के द्वारा लिखा गया खत

ये खत उस देश की लड़की ने लिखा है जहाँ धर्म का बोलबाला सदियों से रहा है| जहाँ धर्मगुरुओं का जमावड़ा भी इस धर्म का अटूट हिस्सा रहा है| ये उसी धर्मनगरी की बात है जहाँ औरत को देवी माना जाता है, उसकी पूजा की जाती है| पर दुर्भाग्यवश ये सब बातें सिर्फ धर्मग्रन्थों की किताबों तक सीमित है| धर्म के नामपर सदियों से मठाधीश बने धर्मगुरुओं का घिनौना सच ये है जिसे लड़की ने अपने खत में बयाँ किया है| ये खत साल 2002 में देश के पूर्व प्रधानमन्त्री रहे अटल बिहारी बाजपेयी को लिखा गया था|

राम रहीम ने कहा कि वो इस रिवाल्वर से उसकी जान ले सकता है और उसके घर वाले उस पर शक भी नहीं करेंगे।

लड़की ने अपने इस खत में आगे लिखा कि बाबा के डेरे में चालीस से पचास लड़कियां मौजूद हैं। लड़की ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की। उसने कहा कि वो पत्र में अपना नाम और पता नहीं लिखेगी। क्योंकि ऐसा करने पर उसकी और उसके परिवार वाले की जान जा सकती है और अगर पुलिस को उसके आरोपों पर भरोसा नहीं है तो उनकी मेडिकल जांच करवाई जानी चाहिए।

लड़की के इस गुमनाम खत को संवेदनशीलता से लिया गया| इसी खत को आधार बनाकर सीबीआई ने केस की जांच की और अंजाम तक पहुंची| लंबे समय के बाद पंचकुला में सीबीआई की विशेष अदालत ने बीते 25 अगस्त 2017 को बाबा राम रहीम को साध्वी के साथ बलात्कार का आरोपी घोषित किया गया|

हिंसा पर उतारू समर्थक

करीब पन्द्रह साल पुराने बलात्कार के मामले में फैसले वाले दिन आठ सौ गाड़ियों का काफिला लेकर दोषी गुरमीत राम रहीम सिंह पूरी ठाठ-बाट के साथ पंचकुला के सीबीआई कोर्ट में पहुंचा| बलात्कार के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अदालत द्वारा दोषी ठहराये जाने पर उनके हजारों समर्थक तोड़फोड़ पर उतर आए| उन्होंने पथराव किया और मीडिया वाहनों को नुकसान पहुंचाया|

फैसला आने के तुरंत बाद महिलाओं समेत कई डेरा समर्थकों ने पुलिस बैरीकैड और सुरक्षा घेरा तोड़ दिया| एक निजी टीवी चैनल के कम से कम तीन ओबी वैन को नुकसान पहुंचाया गया| दो वैन को भीड़ ने पलट दिया| पुलिस ने हवा में गोलिया चलायीं और भीड़ पर आंसूगैस के गोले दागे|

हिंसा की पहले से थी आशंका

प्रशासन को इस बात का अंदाजा पहले से था कि फैसला आने के बाद बाबा के समर्थक हिंसा पर उतारू हो सकते है| क्योंकि फैसले से तीन दिन पहले से पंजाब और हरियाणा में रहने वाले राम रहीम के समर्थक पंचकुला पहुंचने लगे थे और 23 अगस्त तक हालात बेकाबू होने की कगार पर पहुंच गए थे| यहां तक कि फैसले से पहले पंचकुला की बिजली काट दी गई थी| फैसला सुनाए जाने के दौरान कोर्ट में सिर्फ जज, वकील, स्टाफ और आरोपी राम रहीम मौजूद थे और वहां सभी के मोबाइल फोन बंद करा दिए गए थे| लेकिन फैसला आने के बाद पंजाब और हरियाणा में हिंसा भड़क गई. पुलिस, सेना, मीडिया और इमारतों तक को निशाना बनाया गया|

कौन है गुरमीत राम रहीम इंसा?

खुद को सालों से धर्मगुरु बताकर महिलाओं का यौन-शोषण करने वाला गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा का जन्म राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ था| डेरा सच्चा सौदा सिरसा कि पहचान है| सात साल की उम्र में गुरमीत को डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख रहे शाह सतनाम सिंह ने अपनी शरण में लिया था| डेरा सच्चा सौदा की स्थापना साल 1948 में शाह मस्ताना जी महाराज ने की थी| साल 1990 में गुरमीत को डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख बनाया गया| उस वक़्त गुरमीत की उम्र 23 साल थी| राम रहीम को  अपना गुरु मानने वाले उसे संत मानते है| लेकिन राम रहीम की अपनी गृहस्थी भी है| उसकी दो बेटियां हैं – चरणप्रीत और अमरप्रीत| एक बेटा भी है जिसकी शादी भटिंडा के विधायक रहे हरमिंदर सिंह जस्सी की बेटी से हुई है इनके अलावा रामरहीम की एक गोद ली बेटी हैं हनीप्रीत|

सालों से धर्म के नामपर चलने वाले गुरमीत राम रहीम के ढोंग को देखकर राहत इंदौरी की पंक्तियाँ याद आती है जिसमें वे कहते है कि –

धर्म बूढ़े हो गए,

मज़हब पुराने हो गए

ऐ तमाशागार,

तेरे करतब पुराने हो गए|

गुरमीत राम रहीम अकेला नहीं जिसने धर्म के नामपर लोगों को ठगने और आधी आबादी को अपना शिकार बनाने का खेल खेला है| इससे पहले, आशाराम बाबू और रामपाल जैसे और भी कई संत-गुरु-घंटोले हुए है, जो अब जेल के पीछे है| पर ऐसा नहीं है कि अब इन ढोंगियों से हम सुरक्षित हो चुके है| गौरतलब है कि ऐसे ढोंगियों का गोरखधंधा सालों तक इस कदर अपनी पैठ जमा लेता है कि प्रशासन को भी इनके खिलाफ कदम उठाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती है और इसका सिर्फ एक कारण है अधिक संख्या में अंधभक्तों की कट्टर निष्ठा, जिसका जीवंत उदाहरण हम मौजूदा समय पंजाब और इसे सटे चार राज्यों में गुरमीत राम रहीम के समर्थकों की कट्टर हिंसा के रूप में देख सकते है, जहाँ लोग धोंगिन बाबा के चलते आपस में एक-दूसरे को मारने पर उतारू हो रहे है| वाकई यह दुखद है कि इस अंधभक्ति का शिकार महिलाएं भी है जो आज महिलाओं के शिकारी को सजा मिलने के खिलाफ ढोंगी बाबा की समर्थक बनी सड़कों पर उतरी हुई है| पर इन सबके बावजूद ज़रूरी है कि ऐसे ढोंगियों को सख्त सजा मिले और कानून के फैसले को जनसमर्थन|

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