पूरी दुनिया में, गर्भ समापन से होने वाली मृत्यु, मातृ मृत्यु दर का 13 फीसद हिस्सा है| असुरक्षित गर्भ समापन प्रक्रियाएं, अप्रशिक्षित गर्भ समापन करने वाले, बाधक गर्भ समापन कानून और गर्भ समापन के कारण ऊंची मृत्यु और अस्वस्थता दरें एक दूसरे को बढ़ावा देती हैं| देशों में गर्भ समापन के कारण होने वाली मृत्यु और अस्वस्थता की दरें काफी ज्यादा हैं, वहां इनसे सुरक्षा के लिए एक अच्छी और मजबूत जन स्वास्थ्य नीति स्थापित करना ज़रूरी है| यह नीतियाँ मजबूत उपचार व्यवस्था पर आधारित होनी चाहिए और इन नीतियों को गर्भधारण को सुरक्षित बनाने के प्रयासों को अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए|

असुरक्षित गर्भ समापन को सुरक्षित बनाने के लिए ज़रूरी है कि राष्ट्रीय नीतियों में संशोधन किया जाए, सेवाएं उपलब्ध कराने वाले लोगों को प्रशिक्षण दिया जाए, प्राथमिक उपचार केन्द्रों में उचित गर्भ समापन सेवाएं उपलब्ध कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि महिलाएं अप्रशिक्षित सेवा प्रदाताओं के पास न जाकर प्रशिक्षित सेवा प्रदाताओं तक पहुंच सकें| इस बदलाव का एक ज़रूरी पहलू ये है कि गर्भ समापन सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी सार्वजनिक स्तर पर उपलब्ध कराई जाए| खासकर किशोरियों और एकल महिलाओं के बीच जिनके लिए आमतौर पर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं होती|इसलिए गोपनीयता की गारंटी भी दी जानी चाहिए, जिससे एकल महिलाएं बिना किसी डर या संकोच के इन सेवाओं का इस्तेमाल कर सकें|

गर्भ समापन को सुरक्षित बनाने के लिए एक ख़ास पहलू है, उसे क़ानूनी रूप से मान्यता देना|

द वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के अनुसार पूरी दुनिया में साल में करीब 25 फीसद गर्भधारणों के (जिसकी संख्या करीब 5 करोड़ है) गर्भ समापन करवाए जाते हैं| इनमें से 2 करोड़ गर्भ समापन खतरनाक हालातों में किये जाते हैं, जहाँ अप्रशिक्षित लोग या असुरक्षित तरीकों से गर्भ समापन किया जाता है| विकासशील देशों में असुरक्षित गर्भ समापन के कारण होने वाली मृत्यु दर का अनुमान वार्षिक रूप से करीब 80000 लगाया गया है, मतलब हर एक लाख गर्भ समापन में 400 मृत्यु| यह संख्या क्षेत्रीय स्तर की विविधिता को नहीं दर्शाते पर अनुमान के लिए देखा जाए तो अफ्रीका में असुरक्षित गर्भ समापन के कारण मृत्यु की संभावना विकसित देशों में सुरक्षित गर्भ समापन के कारण होने वाली मृत्यु से 700 गुना ज्यादा है|

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पिछले दशक में, गर्भ समापन प्रक्रियाओं में सुरक्षा तकनीकें बढ़ी हैं और विकासशील देशों में महिलाओं को बेहतर उपचार उपलब्ध हैं| इनके बावजूद, असुरक्षित गर्भ समापन के कारण गंभीर समस्याओं के उभरने के कारण जिन महिलाओं को उपचार की ज़रूरत पड़ती हैं, उनकी संख्या महिलाओं को अभी भी काफी ज्यादा है और इसके चलते ज्यादातर महिलाओं को ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती है| असुरक्षित गर्भ समापन प्रक्रियाओं, अप्रशिक्षित गर्भ समापन करने वालों, बाधक गर्भ समापन कानून और गर्भ समापन के कारण ऊंची मृत्यु और अस्वस्थता दरें यह सभी अक्सर एक दूसरे को बढ़ावा देते हैं| आइये जानते है कि किन छह प्रमुख उपायों से गर्भ समापन को सुरक्षित किया जा सकता है –

1. सीमित परिवार की सोच

अनियोजित और अनचाहा गर्भधारण जन स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर जिम्मेदारी है| जहाँ 1960 के दशक से प्रजनन क्षमता दरें करीब आधी हो चुकी हैं, वहीं दो बच्चों के बीच अंतर रखने और गर्भ नियोजन करने की भावना में भी बढ़ोतरी हुई है| एक बार जब लोग सोच लेते हैं कि उन्हें कम बच्चे चाहिए तो इसके लिए वो अलग-अलग तरह के प्रयास करते हैं, जिसमें गर्भनियोजन और गर्भ समापन के आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरीके शामिल है|

2. गर्भ समापन को क़ानूनी मान्यता

गर्भ समापन को सुरक्षित बनाने के लिए एक ख़ास पहलू है, उसे क़ानूनी रूप से मान्यता देना| कानून में संशोधन करना ज़रूरी है| जो इन संशोधनों का विरोध करते हैं, उनकी अवधारणा का ना तो कोई आधार है और ना ही वास्तविक प्रक्रिया इनका साथ देती है| हालांकि कई देशों में क़ानूनी बदलावों के पहले या उनके अभाव में ही गर्भ समापन में बदलाव आये हैं| गर्भ समापन से संबंधित अच्छे कानून और नीतियाँ एक मजबूत कानून प्रणाली के सूचक होने के साथ-साथ जन स्तर पर प्रजनन नियन्त्रण और औरतों की गर्भ समापन की ज़रूरत को सामाजिक मान्यता दिए जाने की भी सूचक है|

3. सही समय पर हो गर्भ समापन का फैसला

गर्भ धारण करने के बाद, जितनी ज़ल्दी गर्भ समापन किया जाए वह उतना ही औरत के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और सेवा प्रदाता के लिए कम जटिल होता है| इसलिए जन स्वास्थ्य के संबंध में, ऐसे नियम नहीं बनाने चाहिए, जिनके कारण गर्भ समापन में देरी हो| ऐसे नियमों में शामिल है – औरत के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के हाथ में निर्णय लेने की जिम्मेदारी सौंपना, जो सेवा प्रदाता ऐसी सेवाएं प्रदान नहीं करना चाहते उनके पक्ष में आपत्ति खंड का प्रावधान या गर्भ समापन करने की स्वीकृति लेने और उसे करने के बीच कुछ समयावधि रखने की ज़रूरत|

बदलाव का एक ज़रूरी पहलू ये है कि गर्भ समापन सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी सार्वजनिक स्तर पर उपलब्ध कराई जाए|

4. गर्भ समापन की सही कीमत

जहाँ गर्भ समापन छिपकर और असुरक्षित तरीकों से किया जाता है, वहां औरतें (या उनके सहभागी या परिवार) दवाओं या अपने आप गर्भ समापन करने के अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करती हैं या छिपकर सेवाएं देने वालों को पैसा देकर गर्भ समापन करवाती हैं| दूसरी ओर जन स्वास्थ्य सेवाओं और औरतों दोनों का ही गर्भ समापन संबंधी समस्याओं पर भी पैसा खर्च हो रहा है, वह भी ऊपरी स्तर के अस्पतालों में जहाँ कीमतें वैसे भी सबसे ज्यादा होती हैं| ऐसे में ज़रूरी है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में भी सुरक्षित और मुफ़्त/ कम खर्चों में गर्भ समापन की सुविधा भी उपलब्ध हो|

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5. प्रभावी सुविधा से गर्भ समापन की सुरक्षा

करीब सभी विकसित देशों में आज भी स्त्री रोग विशेषज्ञ ही गर्भ समापन की प्रक्रिया करते हैं| हालांकि यह ज़रूरी नहीं है| स्त्री रोग विशेषज्ञ की ज़रूरत खासकर गर्भ धारण के 14 सप्ताह के अंदर गर्भ समापन किये जाने की दशा में नहीं है, क्योंकि यह गर्भ समापन के लिए ज़रूरी कुशलताओं को आसान बना दिया गया है इन देशों में गर्भ समापन संबंधी जटिलताओं की दरें काफी कम हैं| इसके बदले उचित प्रशिक्षण के बाद दाईयाँ या अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाता गर्भ समापन देने के लिए सबसे उचित लोग हैं|

6. जन स्तर पर बढ़े जागरूकता

हालांकि भारत में गर्भ समापन को साल 1972 से क़ानूनी मान्यता मिली है| साल 1997 में महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों की 67 औरतों के अध्ययन में पाया गया कि उनमें से केवल 18 फीसद को क़ानूनी मान्यता के विषय में जानकारी थी| 64 फीसद का मानना था कि गर्भ समापन भी भी गैर क़ानूनी है और बाकी औरतों को कुछ भी पता नहीं था, जिन्हें इस विषय में जानकारी थी, उन्हें भी अक्सर पूरी या सही जानकारी नहीं थी| गर्भ समापन के लिए पति की सहमति की ज़रूरत है कि नहीं या किन परस्थितियों में गर्भ समापन कराया जा सकता है| इन सभी के जवाब साफ़ नहीं थे| इसलिए जहाँ गर्भ समापन पहले असुरक्षित था वहां जन स्तर पर व्यापक जागरूकता होने पर गर्भ समापन को सुरक्षित बनाया जा सकता है| औरतों को जानकारी होनी चाहिए कि सुरक्षित गर्भ समापन सेवाओं को न केवल क़ानूनी मान्यता प्राप्त है बल्कि वे उपलब्ध भी हैं|


यह लेख क्रिया संस्था के वार्षिक पत्रिका हिंदी रिप्रोडक्टिव हेल्थ मैटर्स से प्रेरित है| इसका मूल लेख पढ़ने के लिए यहाँ क्लिककरें|

#AbortTheStigma सुरक्षित गर्भसमापन के बारे में बातचीत को सामान्य करने के लिए क्रिया द्वारा चलाया जा रहा एक अभियान है। गर्भसमापन से जुड़ा कलंक और शर्मिंदगी सुरक्षित और कानूनी सेवाओं तक पहुंच में बाधा डालती है। हम भारत में गर्भसमापन के सेवाओं के बारे में मिथकों और गलतफहमी को दूर करना चाहते हैं और सभी के लिए प्रजनन न्याय को संभव बनाना चाहते हैं।

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तस्वीर साभार : asianews

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