Wednesday, June 19, 2019
महिला सशक्तिकरण की राह में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं सामुदायिक रेडियो

महिला सशक्तिकरण की राह में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं सामुदायिक रेडियो

सामुदायिक रेडियो का स्वरूप लोकतांत्रिक है जिसमें हर व्यक्ति को बोलने, सुनने और कार्यक्रम बनाने की पूरी छूट है। रेडियो संचार का एक ऐसा माध्यम है जिससे ग्रामीणों के विकास और सशक्तिकरण की राह खुलती है और निरक्षर भी अपनी भागीदारी निभा सकते हैं। ऐसे में जो महिलाऐं पढ़ना-लिखना नहीं जानती रेडियो सुनकर सारी जानकारियाँ पाती हैं।
नेपाल में प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी युवाओं और किशोरों की अभिलाषाएं

नेपाल में प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी युवाओं और किशोरों की अभिलाषाएं

नेपाल में किशोरों को अक्सर बेहद निर्धनता, शिक्षा के सीमित अवसर, सीमित स्वास्थ्य सेवाएं और बंधनकारी सामाजिक और यौन मान्यताओं का सामना करना पड़ता है|
दोराहे पर खड़े युवा और उनकी यौनिकता

दोराहे पर खड़े युवा और उनकी यौनिकता

भारत में ऐसी कोई सर्वे रिपोर्ट बेहद सीमित मात्रा में उपलब्ध है, जिससे यह पता चलता है कि कितने युवक-युवतियों के शादी से पहले संबंध रहे है| पर ये सीमित आंकडें कोई पुख्ता तस्वीर सामने लाने के लिए काफी नहीं है|
सुसाइड नोट पर प्रतियोगिता करवाने वाले इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों के नाम खुला खत

‘सुसाइड नोट’ पर प्रतियोगिता करवाने वाले इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों के नाम खुला खत

कार्यक्रम के तहत 250 शब्दों में सुसाइड लेटर लिखना है। आज तक मैंने ढ़ेरों लेखन प्रतियोगिताओं के बारे में सुना, लेकिन ‘सुसाइड नोट’ किसी लेखन प्रतियोगिता का विषय हो ये पहली बार देख रही हूँ|
जेंडर के ढाँचे में ढलने को कब तक मजबूर रहेगा युवा ?

जेंडर के ढाँचे में ढलने को कब तक मजबूर रहेगा युवा ?

भारत में पुरुष की परवरिश एक पितृसत्तात्मक समाज में होती हैं और महिलाओं के साथ उनका संपर्क बहुत कम होता है| इतना ही नहीं, उन्हें सेक्स के बारे में न के बराबर शिक्षा व जानकारी दी जाती है|
डियर पांच बेटियों के पापा...

डियर पांच बेटियों के पापा…

पापा, यह समाज उसी ढांचे पर खड़ा है जहां औरतों को हमेशा हाशिए पर रखा गया है| यह हममें बस ऐब खोजने के बहाने ढूंढ़ता फिरता है|
शर्म का नहीं बल्कि विस्तृत चर्चा का विषय हो माहवारी

शर्म का नहीं बल्कि विस्तृत चर्चा का विषय हो माहवारी

भारत में माहवारी के बारे में और इसके शुरू होने के बारे में बहुत कम अध्ययन किये गये हैं जिनमें मुख्य रूप से उम्र, जानकारी और समस्याओं के अनुभवों के आंकड़ें भी मिलते हैं|
किशोरावस्था – एक सशक्त विचारधारा

किशोरावस्था – एक सशक्त विचारधारा

बच्चे किसी भी समाज का भविष्य होते हैं और किशोरावस्था में बच्चों में होने वाले बदलाव न केवल बच्चे के विकास बल्कि पूरे समाज के विकास की दिशा तय करते हैं|
युवाओं के लिए युवाओं से उनकी अपनी बात

युवाओं के लिए युवाओं से उनकी अपनी बात

युवा लोग अपने आप में यौन और प्रजनन शक्ति रखने वाले होते हैं, पर उनके समाज में यह नहीं माना जाता है कि उनके भी यौनिक अधिकार होते हैं| उन्हें कहीं-कहीं पर बहुत कम प्रजनन अधिकार दिए जाते हैं|
यौन और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी युवा महिलाओं की तिहरी ज़रूरत

यौन और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी युवा महिलाओं की तिहरी ज़रूरत

एड्स की महामारी के कारण और इस जानकारी के कारण कि यौन संचारित संक्रमण से एचआईवी संक्रमण के प्रसार को बढ़ावा मिलता है, पूरी दुनिया में नई कार्यक्रम योजनायें और रोकथाम की विधियाँ विकसित करने के काम ने बहुत जोर पकड़ा है|

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