पितृसत्ता के कटघरे में चिखती महिला की ‘यौनिकता’

पितृसत्ता के कटघरे में चिखती महिला की ‘यौनिकता’

पितृसत्तारुपी दानव हमारी क्षमताएं सीमित कर देता है, हमें आगे बढ़ने से रोक देता है और समाज के समावेशी विकास पर पूर्ण विराम लगा देता है।
डियर पांच बेटियों के पापा...

डियर पांच बेटियों के पापा…

पापा, यह समाज उसी ढांचे पर खड़ा है जहां औरतों को हमेशा हाशिए पर रखा गया है| यह हममें बस ऐब खोजने के बहाने ढूंढ़ता फिरता है|
शर्म का नहीं बल्कि विस्तृत चर्चा का विषय हो माहवारी

शर्म का नहीं बल्कि विस्तृत चर्चा का विषय हो माहवारी

भारत में माहवारी के बारे में और इसके शुरू होने के बारे में बहुत कम अध्ययन किये गये हैं जिनमें मुख्य रूप से उम्र, जानकारी और समस्याओं के अनुभवों के आंकड़ें भी मिलते हैं|
किशोरावस्था – एक सशक्त विचारधारा

किशोरावस्था – एक सशक्त विचारधारा

बच्चे किसी भी समाज का भविष्य होते हैं और किशोरावस्था में बच्चों में होने वाले बदलाव न केवल बच्चे के विकास बल्कि पूरे समाज के विकास की दिशा तय करते हैं|
युवाओं के लिए युवाओं से उनकी अपनी बात

युवाओं के लिए युवाओं से उनकी अपनी बात

युवा लोग अपने आप में यौन और प्रजनन शक्ति रखने वाले होते हैं, पर उनके समाज में यह नहीं माना जाता है कि उनके भी यौनिक अधिकार होते हैं| उन्हें कहीं-कहीं पर बहुत कम प्रजनन अधिकार दिए जाते हैं|
यौन और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी युवा महिलाओं की तिहरी ज़रूरत

यौन और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी युवा महिलाओं की तिहरी ज़रूरत

एड्स की महामारी के कारण और इस जानकारी के कारण कि यौन संचारित संक्रमण से एचआईवी संक्रमण के प्रसार को बढ़ावा मिलता है, पूरी दुनिया में नई कार्यक्रम योजनायें और रोकथाम की विधियाँ विकसित करने के काम ने बहुत जोर पकड़ा है|
बनारस के गांवों को जेंडर समावेशी बनाने की साहस की अनूठी मुहिम

बनारस के गांवों को जेंडर समावेशी बनाने की साहस की अनूठी मुहिम

जेंडर ग्राम के तहत वाराणसी में अलग-अलग गांवों में सामाजिक मुद्दों पर काम करने वाले समाजसेवियों के साथ ‘जेंडर, यौनिकता और सरोकार’ पर केंद्रित प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
‘सुरक्षित गर्भसमापन’ एचआईवी बाधित महिलाओं के लिए भी प्रजनन अधिकार है

‘सुरक्षित गर्भसमापन’ एचआईवी बाधित महिलाओं के लिए भी प्रजनन अधिकार है

एचआईवी बाधित महिलाओं के लिए ऑपरेशन से गर्भसमापन किये जाने की अपेक्षा दवाओं से गर्भसमापन कराना बेहतर विकल्प हो सकता है| पर एचआईवी बाधित महिलाओं को आमतौर पर गर्भसमापन कराने के लिए सुरक्षित विकल्प नहीं मिल पाते|
ख़ास बात : मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता रत्नाबोली रे के साथ

ख़ास बात : मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता रत्नाबोली रे के साथ

रत्नाबोली रे प्रसिद्ध मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता, प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक और मानसिक स्वास्थ्य अधिकार पर काम करने वाली संस्था ‘अंजली’ की संस्थापिका हैं|
गुजरात के एचआईवी/एड्स कार्यक्रम में शामिल की गयी वीर्य नष्ट से जुड़ी चिंताएं

गुजरात के एचआईवी/एड्स कार्यक्रम में शामिल की गयी वीर्य नष्ट से जुड़ी चिंताएं

दक्षिण एशिया में पुरुषों में वीर्य खत्म होना महिलाओं में योनिस्राव होने जितना ही महत्व रखता है और इससे प्रजनन और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होती है|

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Ruth Vanita's books broke fresh ground in gender studies by showing that India has a long tradition of same-sex desire.
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Unless you’ve been living under a rock, you must have heard the phrase ‘I am not like other girls’ or 'I am not like most girls' somewhere.
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Does Indian comedy has to be sexist and misogynist in order to be funny?