हैप्पी डेज में बदल डालो पीरियड्स के उन पांच दिनों को

हैप्पी डेज में बदल डालो पीरियड्स के उन पांच दिनों को

आज भी शिक्षित लड़कियां सेनेटरी नैपकिन पिता या भाई से मंगवाने से हिचकती हैं। पीरियड्स के बारे में बताना तो बहुत दूर की बात है।
बलात्कार पीड़िताओं पर दबाव बनता है भारतीय समाज - ह्यूमन राइट्स वाच | Feminism In India

बलात्कार पीड़िताओं पर दबाव बनाता है भारतीय समाज – ह्यूमन राइट्स वाच

ह्यूमन राइट्स वॉच का अध्ययन यौन हिंसा के शिकार लोगों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से बने कानूनों, प्रासंगिक नीतियों और दिशानिर्देशों को लागू करने में लगातार सामने आ रही कमियों को सामने रखता है|
कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम | #LawExplainers

कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम | #LawExplainers

सन् 2013 में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम को पारित किया गया था। जिन संस्थाओं में दस से अधिक लोग काम करते हैं, उन पर यह अधिनियम लागू होता है l
कविता: खेल सी ज़िन्दगी

कविता: खेल सी ज़िन्दगी

न जाने मैं कब इतनी बड़ी हो गयी, खेल-कूद, दौड़-भाग को भूल, जीवन के पतंग की लरी हो गयी
बीएचयू में फिर दोहराया सड़े पितृसत्तात्मक प्रशासन का इतिहास

बीएचयू में फिर दोहराया सड़े पितृसत्तात्मक प्रशासन का इतिहास

बीते रविवार को जब बीएचयू के छात्र-छात्राओं ने सालभर पहले हुए आन्दोलन की याद में जब प्रतिरोध कार्यक्रम का आयोजन किया था तो एकबार फिर विश्वविद्यालय प्रशासन का चेहरा सामने आया|
‘नर्मदा से हो सही विकास, समर्पितों की यही है आस’ - मेधा पाटकर | Feminism In India

‘नर्मदा से हो सही विकास, समर्पितों की यही है आस’ – मेधा पाटकर

मेधा पाटकर मध्यप्रदेश में बाँध प्रभावितों के लिए मुआवज़े और विस्थापितों के पुनर्वास की मांग को लेकर अनशन पर बैठी थी उन्हें अब हटा दिया गया है|
ख़ास बात : खतने की कुप्रथा के खिलाफ आवाज़ उठाने वाली सालेहा पाटवाला | Feminism In India

ख़ास बात : खतने की कुप्रथा के खिलाफ आवाज़ उठाने वाली सालेहा पाटवाला

सालेहा पाटवाला एक नारीवादी है और भारत में महिलाओं के साथ होने वाली ‘खतना’ की कुप्रथा के खिलाफ सक्रिय तरीके से काम कर रही हैं|
महिला-अधिकार का अहम हिस्सा है गर्भ समापन

महिला-अधिकार का अहम हिस्सा है गर्भ समापन

गर्भ समापन महिलाओं के यौनिक-प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकार का एक अभिन्न अंग है| ये महिलाओं के अपने शरीर पर नियन्त्रण और खुद के लिए निर्णय लेने की क्षमता है|
इंटरनेट पर हर पल होती है आधी दुनिया के साथ यौन हिंसा

इंटरनेट पर हर पल होती है आधी दुनिया के साथ यौन हिंसा

आज जब ये गैंग रेप जैसी अमानवीय यौन हिंसा पर मजे ले सकते हैं, तो कल ये ऐसा सच में होते हुए देख कर भी चुप ही रहेंगे।
संस्कारी लड़कियों के नाम एक खुला खत...

संस्कारी लड़कियों के नाम एक खुला खत…

पितृसत्तात्मक समाज में लड़कियों का चरित्र सिर्फ दो छोर से बंधा होता है - अच्छा या बुरा| इसके तहत अच्छी लड़की यानी कि संस्कारी लड़की बनना हर लड़की का सपना बन जाता है और वो ज़िन्दगीभर इस सपने को पूरा करने के लिए जद्दोजहद करती रहती है|

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Kalank Falls Flat As It Tries To Distract Its Audience With Its Extravagance

Kalank unabashedly glorifies toxic love, co-dependence in the name of marriage, and the male ego.

BJP And Feminism: How Has BJP Been Treating Indian Women?

A party with national prominence such as the BJP totes a venomous religiosity, that has berated the independence and self-reliance of women since the time of its inception.
To Kill a Mockingbird

Gender Roles And Stereotyping In ‘To Kill A Mockingbird’

To Kill a Mockingbird covers several themes that are often uncomfortable to encounter and explore, such as racism and loss of innocence.