पितृसत्ता

पितृसत्ता से कितनी आजाद हैं महिलाएं?

हमारे समाज में कई तरह की असमानताएं हैं। स्त्री और पुरुष के बीच असमानता भी उन में से एक है। आम तौर पर पितृसत्ता का प्रयोग इसी असमानता को बनाए रखने के लिए होता है। नारीवादी अध्ययन का एक नया क्षेत्र है। इसलिए नारीवादी विमर्श का पहला काम यही है कि महिलाओं को अधीन करने वाली जटिलताओं और दांवपेच को पहचाना जाए और उसे एक उचित नाम दिया जाए। बीसवीं सदी के आठवें दशक के मध्य से नारीवादी विशेषज्ञों ने ‘पितृसत्ता’ शब्द का प्रयोग किया।
लड़की सांवली है, हमें तो चप्पल घिसनी पड़ेगी!

लड़की सांवली है, हमें तो चप्पल घिसनी पड़ेगी!

‘मैंने कई बार मां बाप के या परिजनों के मुंह से सुना है, अभागी काली लड़की| उसके इतने अच्छे नाक नक्श हैं, बस गोरी होती| इसके बाद मिलियन डॉलर का ऑफर आता है, कौन एक काली लड़की से शादी करेगा| उसके लिए अच्छा लड़का ढूंढना मुश्किल हो जाएगा|’
जेंडर से बनाई जाती है महिलाएं

‘जेंडर’ से बनाई जाती है महिलाएं

‘जेंडर’ सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना है, जो स्त्रीत्व और पुरुषत्व के गुणों को गढ़ने के सामाजिक नियम व कानूनों का निर्धारण करता है।
आज क्यूँ ज़रूरी है नारीवाद?

आज क्यूँ ज़रूरी है नारीवाद?

औरतों और पुरुषों को बराबर मानने वाला और उनकी बराबरी के लिए लड़ने वाला हर इंसान फेमिनिस्ट कहलाता है| फेमिनिस्ट विचार यह नहीं है कि सत्ता के ढांचे को पलट दिया जाए बल्कि फेमिनिस्ट विचार यह है कि औरतों और पुरुषों के बीच सत्ता का संबंध ख़त्म हो जाए|
कविता: खेल सी ज़िन्दगी

कविता: खेल सी ज़िन्दगी

न जाने मैं कब इतनी बड़ी हो गयी, खेल-कूद, दौड़-भाग को भूल, जीवन के पतंग की लरी हो गयी

सोये रहोगे कब तक [Poem]

कौन रोक पायेगा उस ज्वाला को जो शुरू हुई थी एक चिंगारी कि तरह पर चली है आज जलाने को यह दुनिया किये बिना किसी रीती रिवाज़ कि परवाह

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The AR Rahman Controversy And Hijab As A Political Symbol

The AR Rahman Controversy And Hijab As A Political Symbol

The legendary musician AR Rahman‘s daughter made a public appearance wearing hijab, bringing hijab into the limelight with a lot of discourse around it.
Valentine’s Day At DU: Worshipping A Virgin Tree And Objectifying Women

Valentine’s Day At DU: Worshipping A Virgin Tree And Objectifying Women

Hindu College boys’ hostel organises the ‘virgin tree puja’ and the male students belonging to the Anga wing of the hostel in St. Stephen’s take the Angha oath on the night of Valentine’s Day, every year.

Don’t Let Marriage Hold You Back: In Conversation With Anita Peter

Anita Peter is a Mohiniyattam performer and the founder of Lasya Drutha, Center for performing and fine arts foundation in Telangana. In May 2017, she did an 8000 km expedition from Kashmir to Kanyakumari riding her Harley Street 750 to carry her social initiative ‘I Pledge- Awareness for change’.