अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी महिलाओं के लिए सऊदी अरब क्यों है  ?

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी महिलाओं के लिए सऊदी अरब क्यों है ?

एक कश्मीरी छात्रा से यौन उत्पीड़न का आरोप विधि संकाय के प्रोफेसर शब्बीर  पर लगे थे और ये सभी एएमयू में महिलाओं की नरकीय हालात को समझने के काफी है|
भारत में सुरक्षित गर्भ समापन करवाना आज भी एक चुनौती है

भारत में सुरक्षित गर्भ समापन करवाना आज भी एक चुनौती है

भारत में सुरक्षित गर्भ समापन आज भी एक बड़ी चुनौती है| गौरतलब है कि ये कोई वक्तव्य की बजाय हमारे समाज की कड़वी सच्चाई है जो सीधेतौर पर पितृसत्ता की महिला विरोधी संस्कृति का हिस्सा है और इसे बदलना बेहद ज़रूरी है|
कुपोषण से बचाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की तनख्वाह कुपोषित क्यों है? 

कुपोषण से बचाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की तनख्वाह कुपोषित क्यों है? 

बीते 5 सिंतबर के किसान-मजदूर संघर्ष रैली में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया था।
महिला-अधिकार का अहम हिस्सा है गर्भ समापन

महिला-अधिकार का अहम हिस्सा है गर्भ समापन

गर्भ समापन महिलाओं के यौनिक-प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकार का एक अभिन्न अंग है| ये महिलाओं के अपने शरीर पर नियन्त्रण और खुद के लिए निर्णय लेने की क्षमता है|
पोर्न फ़िल्में : नजारे से पहले हमारे नजरिये की बात हो

पोर्न फ़िल्में : नजारे से पहले हमारे नजरिये की बात हो

‘गूगल ट्रेंड सर्वे’ बताते हैं कि ऐसे 10 शहर जिनमें सर्वाधिक पोर्न देखा जाता है, उनमें से 7 भारतीय नगर हैं। इसका क्या कारण है कि विश्वभर में सबसे ज्यादा पोर्न फिल्में हमारे देश में देखी जाती है।
पति-पिता के नाम से क्या तय होता है महिला के इलाज का व्यवहार?

पति-पिता के नाम से क्या तय होता है महिला के इलाज़ का व्यवहार?

चिकित्सा के बड़े बाज़ार में सही इलाज़ की खोज अपने आप में बड़ी चुनौती है| क्योंकि कुकुरमुत्ते जैसे पनपते बड़े-बड़े अस्पतालों के वीभत्स किस्से आये दिन देखने सुनने को मिलते है, जो सहज मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को एक चुनौती बना देता है|

भारतीय समाज की ‘शर्म’ सिर्फ एक ‘भ्रम’ है

पोर्न उद्योग के विस्फोटक विकास के सामाजिक कारणों और परिणामों पर अब हमें विस्तार से विचार करने की ज़रूरत है।
घर से बाज़ार तक फ़ैला है पोर्नोग्राफी का साम्राज्य | Feminism In India

घर से बाज़ार तक फ़ैला है पोर्नोग्राफी का साम्राज्य

हमारे देश में पोर्नोग्राफी का विस्तार घर से लेकर बाज़ार तक है| ऐसे में यह ज़रूरी है कि हम इस विषय पर मुंह चुराने की बजाय इसे सामाजिक सत्य के तौर पर स्वीकार कर इसके अच्छे-बुरे पहलुओं पर चर्चा करें|
औरत के ओर्गेज्म की बात पर हम मुंह क्यों चुराते हैं? | Feminism In India

औरत के ‘ओर्गेज्म’ की बात पर हम मुंह क्यों चुराते हैं?  

कई ऐसे रिसर्च बताते हैं कि 62 फीसद महिलाओं को ओर्गेज्म मास्टरबेशन के वक्त आता है। ओर्गेज्म भी दूसरे सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रियाओं का ही एक हिस्सा है। स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर है।
सिविल सोसाइटी की बंद आँखों का नतीजा है मुजफ्फरपुर की घटना 

सिविल सोसाइटी की बंद आँखों का नतीजा है मुजफ्फरपुर की घटना 

आज हम दायरे में सिमटे रहते हैं और खासकर दलित पिछड़ी जातियों, वंचित वर्ग और गरीबों के साथ में कुछ ऐसा होता है तो ये उनकी संवेदनाओं को झकझोरता नहीं है, जिसका नतीजा होती है मुजफ्फरपुर जैसी घटनाएँ|

What's Trending On FII?

5 Feminist Economists Who Change The Way We See The World

5 Feminist Economists Who Change The Way We See The World

Here are 5 feminist economists who contribute in making economics acknowledge and address the differential impact of gender on individual lives and the on the society at large.
Geriatric Love: Why Do We Cringe At Old People Sex?

Geriatric Love: Why Do We Cringe At Old People Sex?

What I learned was that it is a myth that sexuality in later life is undignified or that old people are asexual.

What Exactly Is Happening With Ishqbaaaz And Why Is Star India Still Silent About...

The makers of Ishqbaaaz have chosen a direction that does disservice to the female protagonist, the show, and everything the channel supposedly stands for.