वेश्यावृत्ति को गाली देना ही समाज का शुद्धिकरण है? | Feminism In India

वेश्यावृत्ति को गाली देना ही समाज का शुद्धिकरण है?

समाज बेहद आसानी से वेश्यावृत्ति के लिए भद्दी गलियों का इस्तेमाल कर अपना शुद्धिकरण कर महिलाओं को मानवाधिकारों से दूर कर उन्हें वस्तु के तौर पर प्रस्तुत करते हैं|
नया नजरिया: पीरियड के अनकहे पहलू | Feminism In India

नया नजरिया: पीरियड के अनकहे पहलू

मासिक धर्म के प्रति हर संस्कृति का अपना दृष्टिकोण होता है| जिस संस्कृति में महिलाओं को उनके मासिकधर्म के दौरान भी सामान्यरूप से सम्मानपूर्वक स्वीकार किया जाता है वहां महिलाएं आत्म-विश्वासी महसूस करती है|
ख़ास बात : "पीढ़ियाँ बदल जातीं हैं, स्त्री की दशा नहीं बदलती।" - कंचन सिंह चौहान

ख़ास बात : “पीढ़ियाँ बदल जातीं हैं, स्त्री की दशा नहीं बदलती।” – कंचन...

कंचन सिंह चौहान बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। वे एक शायरा, कहानीकार और ब्लॉगर हैं। उनके भीतर एक पाठक और जहीन आलोचक भी सजग है।
नये जमाने की हिंदी कविता और नारीवाद | Feminism In India

नये जमाने की हिंदी कविता और नारीवाद

'हिंदी कविता में नारीवाद' के बारे में बात की जाए तो भी इस विषय से जुड़े सभी नामों पर एक साथ चर्चा कर पाना मुमकिन नहीं है। इस लेख में मौजूदा समय की कवयित्रियों की कुछ चुनिंदा कविताओं के बारे में बात की जा रही है।
औरत को शरीर में कैद करने की साजिश | Feminism In India

औरत को शरीर में कैद करने की साजिश

औरत और मर्द दोनों की संरचना एक दूसरे से अलग है, जहाँ एक तरफ पुरुष अपने शरीर को लेकर सहज रहता है| वहीं महिला अपने शरीर को लेकर असहज|
औरत क्यों न अपनाएँ सहज पहनावा? | Feminism In India

औरत क्यों न अपनाएँ सहज पहनावा?

औरत के लिए तय किए गए कपड़े ऊपरी तौर पर तो असुविधाजनक नहीं लगते क्योंकि वो रोज उन्हें पहनकर चलती हैं| लेकिन अगर स्त्री और पुरुष के कपड़ों की तुलना की जाए तो अंतर साफ नजर आता है।
खास बात: "स्त्री का लिखना साहित्य के क्षेत्र में अपना स्पेस क्लेम करना है" - सुजाता | Feminism In India

खास बात: “स्त्री का लिखना साहित्य के क्षेत्र में अपना स्पेस क्लेम करना है”...

सुजाता हिंदी की महत्वपूर्ण कवि और स्त्रीवादी लेखक हैं। उनका एक कविता संकलन 'अनन्तिम मौन के बीच' भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित किया गया है। साथ ही, सुजाता चोखेरबाली ब्लॉग भी लिखती हैं|
पितृसत्ता को चुनौती देतीं 5 समकालीन हिंदी लेखिकाएं | Feminism In India

पितृसत्ता को चुनौती देतीं 5 समकालीन हिंदी लेखिकाएं

हिंदी की इन पांच समकालीन लेखिकाओं ने लेखन की अलग - अलग विधाओं ( यात्रा वृतांत, नोट्स, कहानी, कविता, व्यंग्य, लघुकथा, आदि ) के ज़रिए पितृसत्ता के ढांचे को लगातार चोट पहुंचाई है|
महिलाओं का खतना एक हिंसात्मक कुप्रथा | Feminism In India

महिलाओं का ‘खतना’ एक हिंसात्मक कुप्रथा

महिलाओं में खतना प्रथा का चलन दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय में सबसे अधिक देखा जाता है | दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय, शिया मुसलमानों माने जाते हैं|
‘यौनिकता, जेंडर और अधिकार’ पर एक प्रभावी क्रिया | Feminism In India

‘यौनिकता, जेंडर और अधिकार’ पर एक प्रभावी क्रिया  

बीते दिनों (19 फरवरी से 24 फरवरी तक)  दिल्ली की संस्था क्रिया की तरफ से ‘यौनिकता, जेंडर और अधिकार : एक अध्ययन’ नाम से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया|

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पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।
Aijaz Sheikh

“Faith Healer” Aijaz Sheikh Has Sexually Abused Thousands Of Children

While pretending to be a faith healer, Aijaz Sheikh has subjected thousands of children in North Kashmir to sexual abuse.
Swathi Vadlamudi

The FIR Against Cartoonist Swathi Vadlamudi Should Make Us All Angry

Swathi Vadlamudi is a senior journalist based in Hyderabad who has an FIR lodged against her for posting a satirical image of Ram and Sita highlighting the era of rampant sexual violence that we live in.