मानवाधिकार का ज़रूरी विषय है विकलांगता

मानवाधिकार का ज़रूरी विषय है विकलांगता

विकलांगता एक मानवाधिकार विषय है। यही कारण है की यूएनसीआरपीडी विकलांगता के सामाजिक मॉडल (अक्षमता भौतिक बाधाएंऔर नकारात्मक दृष्टिकोण की देन होती हैं) की बात करता है ना की मेडिकल मॉडल की(अक्षमता व्यक्ति में निहित हैं)।
एचआईवी के संदर्भ में अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकारों की संरचना

एचआईवी के संदर्भ में अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकारों की संरचना

मानवाधिकार सार्वभौमिक हैं अर्थात सभी पर समान रूप से लागू होते हैं और यौन व प्रजनन स्वास्थ्य की ज़रूरतों और इच्छाएं भी एचआईवी बाधित व दूसरे लोगों में एक समान ही होती हैं|
आपात प्रसूति सेवा के रूप में गर्भसमापन

आपात प्रसूति सेवा के रूप में गर्भसमापन

अक्टूबर 2012 का, जब भारत सहित कई देशों में लोगों ने 31 साल की सविता हलाप्पनावर की मृत्यु के विरोध में प्रदर्शन करना शुरू किया|
यहाँ पीरियड के दौरान भेदभाव कर महिलाओं से छीन रहे मौलिक अधिकार

यहाँ पीरियड के दौरान भेदभाव कर महिलाओं से छीन रहे मौलिक अधिकार

पिथौरागढ़ जिले के रौतगढ़ा गाँव में गवर्नमेंट इंटर कॉलेज के रास्ते पर स्थानीय देवता का मन्दिर पड़ता है| स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर पीरियड के दौरान लड़कियां इस रास्ते से गुजरीं तो मन्दिर अपवित्र हो जाएगा|
These Are The 15 Women Who Helped Draft The Indian Constitution/इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
मानसिक स्वास्थ्य और यौनिकता के मुद्दे पर ‘अंजली’ की बेहतरीन पहल

मानसिक स्वास्थ्य और यौनिकता के मुद्दे पर ‘अंजली’ की बेहतरीन पहल

बीते दिनों कलकत्ता में मानसिक स्वास्थ्य के इस वृहत क्षेत्र को समझने, उजागर करने और काम में शामिल करने की दिशा-दशा निर्धारित करने के संदर्भ में अंजली संस्था द्वारा प्रशिक्षण का आयोजन किया गया|
तंजानिया के गाँव में लड़कियां झेल रही हैं जेंडर असमानता की मार 

तंजानिया के गाँव में लड़कियां झेल रही हैं जेंडर असमानता की मार 

तंजानिया में किशोरावस्था में गर्भधारण एक बड़ी समस्या है, जहाँ करीब एक-तिहाई (28.4%) लड़कियाँ 18 साल की उम्र होने तक माँ बन जाती हैं और आधे से ज्यादा (56.4%) महिलाएं 20 साल की उम्र तक पहुंचने से पहले अपने पहले बच्चे को जन्म देती हैं|
‘युवा, सेक्स और संबंध’ से जुड़ी दूरियां जिन्हें पूरा करना बाकी है

‘युवा, सेक्स और संबंध’ से जुड़ी दूरियां जिन्हें पूरा करना बाकी है

युवा और किशोर गर्भावस्था, गर्भ-समापन, गर्भ निरोधन, यौनिक और जेंडर पहचान, रिश्तों में बातचीत, मासिकधर्म, यौनिक हिंसा और जोर ज़बरदस्ती, कलंक, डरना-धमकाना, भेदभाव के बारे में जानना चाहते हैं| पर सबसे ज्यादा वे शरीर और सेक्स के बारे में जानना चाहते हैं|

प्राचीन भारत की स्त्रियाँ जो पर्दे में नहीं टॉपलेस रहती थीं

प्राचीन भारत में स्त्रियों को टॉपलेस घूमने की आजादी थी। यह हमारी सांस्कृतिक गरिमा थी कि इसे सहज भाव से स्वीकार किया जाता था। यह बकायदा एक ऐतिहासिक दस्तावेज है।
माहवारी की बात ख़ास 'पतनशील पत्नियों के नोट्स' से

माहवारी की बात ख़ास ‘पतनशील पत्नियों के नोट्स’ से

चुनाँचे आप माहवारी की मारी औरतों के पाक लिबास पर इसका एक धब्बा तक देखना गवारा नहीं कर पाते। वही तो मैंने कहा कि आपके पिछ्ड़े और तंग किस्म के खयालात अब बदल चुके हैं|

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Why Is Marriage An Ultimatum For Women?

Why Is Marriage An Ultimatum For Women?

A man at a higher position, who has rejected the idea of marriage is looked at like a saint whereas an unmarried woman with the same status would always be the topic of gossip.
Why Women Workers Are Protesting Against H&M

Why Women Workers Are Protesting Against H&M

H&M is the posterchild of sustainable fashion. In reality, it refuses to provide living wages to 850,000 workers around the world.
These Are The 15 Women Who Helped Draft The Indian Constitution/इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

These Are The 15 Women Who Helped Draft The Indian Constitution

On this Republic Day, let us take a look at the fifteen powerful women who helped draft the Indian Constitution.