आज क्यूँ ज़रूरी है नारीवाद?

औरतों और पुरुषों को बराबर मानने वाला और उनकी बराबरी के लिए लड़ने वाला हर इंसान फेमिनिस्ट कहलाता है| फेमिनिस्ट विचार यह नहीं है कि सत्ता के ढांचे को पलट दिया जाए बल्कि फेमिनिस्ट विचार यह है कि औरतों और पुरुषों के बीच सत्ता का संबंध ख़त्म हो जाए|

On Maa-Behen Feminism

Chand Bibi: The Deccan Warrier Queen | #IndianWomenInHistory

Chand Bibi was a regent and warrior who pioneered a Deccan confederation and defended them against the Mughal army twice.

7 Times Media Coverage of Rio Olympics was Sexist and It’s...

Women athletes from all over the world are crushing it at Rio Olympics 2016, but global media is still showing us that sexism is alive and well, kicking. Yes, this is 2016.

पितृसत्ता से कितनी आजाद हैं महिलाएं?

हमारे समाज में कई तरह की असमानताएं हैं। स्त्री और पुरुष के बीच असमानता भी उन में से एक है। आम तौर पर पितृसत्ता का प्रयोग इसी असमानता को बनाए रखने के लिए होता है। नारीवादी अध्ययन का एक नया क्षेत्र है। इसलिए नारीवादी विमर्श का पहला काम यही है कि महिलाओं को अधीन करने वाली जटिलताओं और दांवपेच को पहचाना जाए और उसे एक उचित नाम दिया जाए। बीसवीं सदी के आठवें दशक के मध्य से नारीवादी विशेषज्ञों ने ‘पितृसत्ता’ शब्द का प्रयोग किया।

What's Trending On FII?

Kerala's Casteist Breast Tax And The Story Of Nangeli

Kerala’s Casteist Breast Tax And The Story Of Nangeli

Imagine paying a tax to cover your breasts? Kerala women once did.
Velu Nachiyar: The Tamil Queen Who Fought Away the British | #IndianWomenInHistory

Velu Nachiyar: The Tamil Queen Who Fought Away the British | #IndianWomenInHistory

Velu Nachiyar was the first Indian ruler to fight and triumph against the British in 1780, 77 years before the First War of Independence.
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है? | Feminism In India

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|

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